सात साल पहले सरहद , नफरत की दूरियां मिटाते हुए गुरदासपुर के कादियां में ब्याही गई पाकिस्तान की उमेरा उसकी डेढ़ साल की बेटी आयशा फिर से भारत लौट पाएगी
(RANJANDEEP SANDHU, AMRIK MATHAROO);- कादियां (गुरदासपुर) : सात साल पहले सरहद , नफरत की दूरियां मिटाते हुए गुरदासपुर के कादियां में ब्याही गई पाकिस्तान की उमेरा उसकी डेढ़ साल की बेटी आयशा फिर से भारत लौट पाएगी। आठ महीने पहले मार्च में पाकिस्तान अपने मायके गई उमेरा कोरोना के कारण वहां बच्ची के साथ फंस गई । भारत लौटने के लिए कई बार आवेदन किए लेकिन दोनों देशों में तनाव के कारण संभव नहीं हो पाया। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायधीश मार्कंडेय काटजू के प्रयासों से अब उनकी वतन वापसी की राह खुली है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने नोरी वीजा जारी कर वतन लौटने की अनुमति दी है। इस संबंध में हाईकमीशन आफ इंडिया इस्लामाबाद के गौरव आहलूवालिया ने पूर्व जस्टिस काटजू उमेरा के परिवार को ईमेल कर जानकारी दी है कि वर्तमान समय में भारत-पाकिस्तान के मध्य भूमि मार्ग बार्डर बंद पड़ा है। इसे केवल विशेष केसों में पाकिस्तान की इंटीरियर मिनिस्टरी व भारत के गृह मंत्रालय की स्वीकृति के बाद ही खोला जाता है। उन्होंने पाकिस्तान की मिनिस्टरी आफ फारन अफेयर्स से जो लोग पाकिस्तान में फंसे हैं, उनकी वाघा-अटारी बार्डर के रास्ते भारत आने की विशेष अनुमति मांगी है।

