इबादते इशक मैं

  • इबादते इशक मैं , क्या इज़हार करू..

खुदा की मैं एक नवाज़िश हूँ,

ना बिकता, ना मैं बदलता हूँ,

जन्मो का साथ निभाता हूँ ..

 

इबादते इशक मैं , क्या इज़हार करू..

दुआ सी लगे हर सांस मेरी,

ना टूटता, ना मैं बिखरता हूँ,

उलफत में मेरी सारी दुनिया,

ना मिलता, ना मैं बिछड़ता हूँ,

 

इबादते इशक मैं , क्या इज़हार करू..

लफ्जों में ना कर तू बात मेरी,

ना बोलता, ना मैं चुप रहता हूँ,

सौदा समझे सारी दुनिया,

पर मैं झोली में मिलता हूँ ..

        By Maninder kaur

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