ब्याज-केंद्र पर ब्याज माफ करने के अलावा कोई राहत देना संभव नहीं है

 नयी दिल्ली, (Ranjandeep Sandhu, Amrik Matharoo) :– केंद्र सरकार ने ऋण की किसी और छूट से इनकार करते हुए कहा है कि इससे राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को 2 करोड़ रुपये के ऋण पर ब्याज माफ करने के अलावा कोई राहत मिलेगी। बैंकिंग क्षेत्र के लिए हानिकारक हो सकता है सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में केंद्र ने टिप्पणी की केंद्र ने कहा कि सरकार ने पहले ही वित्तीय पैकेज के जरिए राहत की घोषणा कर दी है इस पर अधिक छूट जोड़ना संभव नहीं है केंद्र ने अपने हलफनामे में यह भी कहा कि नीति बनाना सरकार का विशेषाधिकार है और अदालत को किसी विशेष क्षेत्र की वित्तीय राहत में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। केंद्र ने यह भी कहा कि जनहित याचिका के माध्यम से किसी विशेष क्षेत्र के लिए राहत नहीं मांगी जा सकती है, यह कहते हुए कि ऋण देने वाले संस्थान संकट से निपटने की योजना बनाते हैं। इसलिए, केंद्र और रिजर्व बैंक हस्तक्षेप नहीं कर सकते हलफनामे में, केंद्र ने कहा कि 2 करोड़ रुपये तक के ऋणों पर ब्याज की माफी के तौर-तरीके कैबिनेट की मंजूरी के बाद जारी किए जाएंगे और बैंकों को परिपत्र की तारीख से एक महीने के भीतर ब्याज पर ब्याज लागू करना होगा। | यह उल्लेख किया जा सकता है कि सर्वोच्च न्यायालय केंद्र द्वारा दायर पहले हलफनामे से संतुष्ट नहीं था जिसके बाद केंद्र ने यह प्रतिक्रिया दी। मामले में अगली सुनवाई 13 अक्टूबर के लिए निर्धारित है

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