राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग ने उत्तर प्रदेश पुलिस को हाथरस गैंग रेप मामले और आधी रात में अंतिम संस्कार कराए जाने को लेकर नोटिस भेजा है.

 

IPT NEWS:–  पुलिस की ओर से बयान आया है कि पुलिस द्वारा अंतिम संस्कार कराए जाने की ख़बरें फ़र्ज़ी हैं और अंतिम संस्कार परिवार द्वारा पुलिस की देखरेख में कराया गया है उत्तर प्रदेश पुलिस विपक्षी दलों से लेकर पूर्व पुलिस अधिकारियों की ओर से भी आलोचना का सामना कर रही है.

पूर्व आईपीएस अधिकारी वीएन राय ने  बताया है कि पुलिस ने जो किया, उसमें संवेदनशीलता बरतनी चाहिए थी.

वहीं, उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व डीजी दिलीप त्रिवेदी ने एक न्यूज़ चैनल से बातचीत में कहा है कि “जिस तरह से बॉडी को डिस्पोज़ किया गया है, उसे कोई डिफेंड नहीं कर सकता है. ये बिलकुल नहीं होना चाहिए था. कभी कभी लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति में ये देखा जाता है कि परिवार के मानने के बाद इस तरह की बातें कभी कभी देखने में आती हैं. हाथरस एक बहुत छोटा सा क़स्बा सा ही है. कोई शहर नहीं है. वहां ये संभव था कि जब परिवार माँग कर रहा है, और आपको भी लग रहा है कि क़ानून व्यवस्था बिगड़ सकती है तो आप अतिरिक्त पुलिस बल मंगाकर उसका बंदोबस्त करते.

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